Monday, 6 May 2013

यही तन्त्र उसे भाता है

सर्वश्रेष्ठ है विशाल भारतीय लोकतन्त्र पूर्ण विश्व मुक्त कन्ठ गान यही गाता है

 राष्ट्रभाव एक एक व्यक्ति में भरा हुआ है मान्यता कि पूर्ण देश भूमि नहीं माता है 

यद्यपि घोटाला भ्रष्टाचार भी बढ़ा अतीव किन्तु लोकतन्त्र यहाँ प्राण का प्रदाता है

 भारत का मतदाता है महान जागरूक इसीलिए मात्र यही तन्त्र उसे भाता है

 रचनाकार

डॉ आशुतोष वाजपेयी

ज्योतिषाचार्य

 लखनऊ 

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