Wednesday, 15 May 2013

जनतन्त्र कलंकित

छल शक्ति बड़ी जग में जिससे हर बार परास्त हुआ बल है
कलि में बस सत्य यही सुन लो सबसे बढ़ के मति कौशल है
सरकार गई यह जान तभी जनता लुटती न कोई हल है
जनतन्त्र कलंकित घोर लखो अति पीड़ित ये वसुधातल है
रचनाकार
डॉ आशुतोष वाजपेयी 
ज्योतिषाचार्य
लखनऊ

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