Thursday, 25 April 2013

आज अलंकृत आँगन है


देखिये श्रृंगार में अलंकार का चमत्कार

मन मीत मिला मनमोहक मादक मस्त महा मनभावन है
उजला उपवस्त्र उपासक सा उसका उपमान उषार्चन है
नख नैन निखार निहार कि नूपुर का नभ में नवनर्तन है
अब अम्बर अम्बुद आप्त अलौकिक आज अलंकृत आँगन है
रचनाकार
डॉ आशुतोष वाजपेयी
ज्योतिषाचार्य
लखनऊ

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