Friday, 5 April 2013

श्री गजानन वंदना

आप अग्रपूज्य अग्रगण्य हो गजानन हो
अमल वितुण्ड लिए बुद्धि के प्रदाता हो
रिद्धि सिद्धि संग रमते हो गणनायक हो
ब्रह्मचारी बलशाली विघ्न कष्टत्राता हो
अंकुश कुलिश कर वक्रतुण्ड गजकर्ण
एकदन्त दयासिन्धु और सर्वज्ञाता हो
उदर विशाल शोक हरते दयानिधान
मूषक सवारी में स्वधर्म के विधाता हो

कृतिकार
डॉ आशुतोष वाजपेयी
कवि, ज्योतिषाचार्य, साहित्याचार्य, धर्मरत्न, पी-एच. डी.

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