Monday, 10 June 2013

राष्ट्रवाद कैसा हो गया

अडवानी के इस्तीफे पर  भारतवंशियों की त्वरित प्रतिक्रिया........

भारती ये राष्ट्रवाद कैसा हो गया लगता है स्वार्थवाद जैसा हो गया
मोदी देश के बने हैं ज्यो ही सम्बल
गैर दुखी और गया अपनों को खल
कैसी ये विडम्बना है दुःख के हैं पल
साथ छोड़ अडवानी कहाँ दिए चल
राष्ट्र था प्रसन्न पर्व ऐसा हो गया किन्तु घातनीति पद पैसा हो गया
भारती ये राष्ट्रवाद कैसा हो गया लगता है स्वार्थवाद जैसा हो गया
दल के पितामह हैं अब भी अटल
शरण गहो उन्ही की निकलेगा हल
अन्यथा तुम्हारा सुनो क्षीण होगा बल
फिर बोलो कैसे खिल पायेगा कमल
ये कदम यम वाला भैंसा हो गया चाहते विपक्षी जो थे वैसा हो गया
भारती ये राष्ट्रवाद कैसा हो गया लगता है स्वार्थवाद जैसा हो गया
रचनाकार
डॉ आशुतोष वाजपेयी
ज्योतिषाचार्य
लखनऊ 

No comments:

Post a Comment