Friday, 5 July 2013

हम पोषक हैं तुम मारक हो

एक डॉक्टर साहब जिनको आप सभी जानते हैं, उन्हें मेरा जवाब-----

हम उत्सव के क्षण नित्य गहें तुम रोदन के क्षण धारक हो
हम आत्म निरीक्षण में रत हैं तुम आसुर वृत्ति प्रसारक हो
पुरुषार्थ पथी हम हैं समझो तुम पाप कुकर्म विचारक हो
हमसे अपनी तुलना न करो हम पोषक हैं तुम मारक हो

शुचिता हमको प्रिय है तुम तो कटु सत्य अशौच प्रचारक हो
अभिमान हमें निज माँ पर है भगिनी तक के तुम हारक हो
तप त्याग सुमन्त्र पढ़ें हम तो तुम भोग सदा व्यवहारक हो
हमसे अपनी तुलना न करो हम पोषक हैं तुम मारक हो

हम मानवता हितचिन्तक हैं तुम घोर अमंगल कारक हो
हम रक्षण में रत हैं जग के तुम तो घनघोर प्रहारक हो
जड़ जंगम में हम ईश लखें करते तुम कर्म विदारक हो
हमसे अपनी तुलना न करो हम पोषक हैं तुम मारक हो
रचनाकार
डॉ आशुतोष वाजपेयी
ज्योतिषाचार्य
लखनऊ 

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