Wednesday, 10 July 2013

आर्याह्वान


महाकष्ट में जन्मदात्री हमारी सुधा का तभी दिव्य प्याला लिए हूँ
अरे ध्यान दो शक्ति का पुञ्ज हो भारती के लिए पुष्पमाला लिए हूँ
उठो आर्य वीरों तुम्हे दे सकूँ मै महाशक्ति से युक्त भाला लिए हूँ
नहीं चूकना है मुझे हाथ में मै महाक्रान्ति की रौद्र ज्वाला लिए हूँ
रचनाकार
डॉ आशुतोष वाजपेयी
ज्योतिषाचार्य
लखनऊ 

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