Wednesday, 19 February 2014

कहाँ गयी


2 comments:

  1. बहुत बढ़िया लिखा है आज इतनी पवित्र रूप कि लेखनी भुत कम हो गए है महज़ १० % ही होगी पूरे विशव में जी
    में आभार प्रकट करती हूँ इस विषेय पर भी जो आपने ध्यान दिलवाया है जो आपने ऊपर लिखा है

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    1. बहुत बहुत आभार शेली जी....धन्य कर दिया आपके टिप्पड़ी ने मेरी लेखनी को

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